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Sunday, August 30, 2009

" लो मै आ गया ...| "

" सहर्ष निमंत्रण दिल से यारो .....|"

" भइया हम तो गए है मगर आज नही कहेंगे आपसे कुछ ..... क्यों की ..." धीरज का फल मीठा होता है | "...जरा सब्र तो करो यारो .....हम वादा करते है की इसी जगह पर हम आपको कभी हसाएंगे ......तो कभी रुलायेंगे .... तो कभी ....तुम्हे हम अपने साथ हमारी यादों की दुनिया में ले जायेंगे | जहाँ सिर्फ़ हम और हमारी याद होगी ......|"


" दरवाजे पर हम पत्रिका लगायेंगे की दरवाजे के अंदर सिर्फ़ और सिर्फ़ रोते हुवे लोग ही आए क्योंकि हमे रोते हुवे लोगो को हँसाना आता है ......दर्द के मारो के दिल पर मरहम लगाना आता है ....अब ये मत पुछना की मरहम का नाम क्या है ? ......मरहम का नाम है ............." दो मीठे बोल ...और .....ढेर सारी खुशियों भरी बातें ".......|"


" जरा मेरे नजदीक तो आओ ..... अरे यार और .....अपना कान नजदीक करो ....सुनो ..........

सबसे कहेना की कल इसी जगह पर कुछ नई पोस्ट आनेवाली है ...........तो ...आप सब कल फ़िर आइयेगा ..अपने दोस्तों के साथ | "


" आपका आना हमारे सर आँखों पर है ,


हंस ले जरा ,क्या पता फ़िर वक्त मिले मिले ,


दर्द में भी हम तुम्हे खुसी ढूंढ़ कर देंगे ,


हंस ले जरा क्या पता फ़िर वक्त मिले मिले ,


आज मिले है ....बिछड़ना मत


गर बिछडा तो तेरी यादों के साये को लिपटकर


तेरे साये के जरिये तुजे खुसी पहुंचाएंगे ,


हंस ले जरा क्या पता फ़िर वक्त मिले या मिले | "


चलो तो फ़िर कल फ़िर मिलेंगे इसी जगह पर ......इसी ....नही यार कुछ नए अंदाज़ में



2 comments:

Suman said...

good

Babli said...

मुझे आपका ब्लॉग बहुत अच्छा लगा! बहुत बढ़िया लिखा है आपने! आपकी लेखनी को सलाम!

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